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चाय का ख़ुमार

                
                                                         
                            चाय एक नशा है,
                                                                 
                            
चाय एक वफ़ा है,
जिसे चढ़ा इसका ख़ुमार,
वही जानता है—इसमें क्या मज़ा है।

सुबह की पहली चाहत चाय,
शाम का आख़िरी सुकून चाय,
थके हुए दिन की राहत चाय,
कुछ पल खुद के साथ—बस चाय।

प्याली छोटी-सी सही,
पर किस्से हज़ार रखती है,
कभी दोस्तों को पास लाती है,
कभी तन्हाई का साथ निभाती है।

HbA1c है 5.5 तो
थोड़ी मिठास भी रहने दो,
शक्कर बस इतनी डालो
कि उम्र भर चाय मीठी रहने दो।

कल आँकड़ा 6 को छू जाए,
तो शक्कर से दूरी कर लेंगे,
चाय से दूरी की बात न करना
हम स्वाद बदल लेंगे,

शराब का नशा रात तक है,
चाय का ख़ुमार उम्र भर…
वो जाम क्या मुकाबला करेगा
जिसकी तलब हो हर पहर!

चाय को सिर्फ़ पीना काफी नहीं,
चाय के साथ जीना पड़ता है…
और जो चाय पीता है दिल से,
बस वही इसका इश्क़ समझता है। 
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11 घंटे पहले

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