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सफर

                
                                                         
                            शेर :- वज्न - 2122 2122 2122 212
                                                                 
                            

दिन को निकले थे सफर में क्यों भला रखते चिराग
रात आई तो उजालों की दुआ करने लगे ।।
दुष्यंत यादव


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6 वर्ष पहले

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