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आलोचना

                
                                                         
                            फिर भी मेरा भारत महान है.
                                                                 
                            

मेरा भारत महान है,
रो रहा कठुवा उन्नाव,
रो रही बेटियाँ तमाम है,
फिर भी "बेटी पढाओ बेटी बचाओ" का,
जोर-शोर से चल रहा अभियान हैं,
फिर भी मेरा भारत महान हैं.

पुछ रही निर्भया आसिफा से,
कितना बदला हिंदुस्तान है,
बोली आसिफा हवसियो का दीदी बढ गया मान हैं,
अब बच्चियाँ भी नही है सुरक्षित,
ऐसा हो गया हिंदुस्तान हैं.

एटीएम मे कैश नही,फिर भी नोटबंदी की जय जयगाण है,
विकास बाबु बुल्लेट ट्रैन से आ ही रहे थे,
की बीच मे पड गया विवाद डोकलाम है,
फिर भी मेरा भारत महान हैं.

धर्मनिरपेक्ष से हिन्दु राष्ट्र होने को
हिंदुस्तान है,
संविधान पर ही उठ रहे सवाल हैं,
महाभियोग लग रहे न्यायधीशो पर,
लोकतंत्र पर लग रहा इल्जाम है,
फिर भी मेरा भारत महान हैं.

हरा,नीला,भगवा रंगो मे बँट रहा हिंदुस्तान है,
जल रहा गांव,जिला,राज्य,यहाँ दंगा सरेआम है,
राज्याधीश बन मौन,चला रहे अपनी दुकान है,
बनने को नए प्रधानसेवक,
दिल्ली मे लगा रहे डेरा तमाम है,
फिर भी मेरा भारत महान हैं.

~दुष्यंत दीपक 

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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7 वर्ष पहले

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