“पहले मनुष्य बनो”
मन मंदिर में दीप जलाओ,
करुणा से जीवन को सजाओ।
मंत्रों में मत खो जाओ,
दया से जग को अपनाओ।
ईश्वर खोजो मत तीर्थों में,
वह बसता है निर्मल हृदयों में।
स्वार्थ छोड़ो, सेवा अपनाओ,
सच्चे मानव बनकर दिखलाओ।
दूसरों के दुख को हर लो,
अपनी खुशियाँ बाँटकर देखो।
अपने भीतर मानवता को खोजो,
प्रेम से ही जग को जगमग करो ।
जरा सोचो- क्या तुम्हारे कारण किसी के दिल में आशा ने जन्म लिया?
-शिव राय पुरी
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