संघर्षों की तपिश ने जलाया तो बहुत
पर हर लगती ठोकर ने सिखाया भी बहुत
गिरकर भी उठ उठ अभी चलना है बहुत
जीवन ने लड़ने का पाठ पढ़ाया है बहुत
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X