फागुन आयो आयो होली
ले रंग भरी सुंदर पिचकारी
राधा कृष्ण संग खेलन होली
मधुबन चली सखियों की टोली
बरसे रंग गुलाल निराली,
हँसी खिली हर एक बगियारी।
बाजे ढोल मंजीरा मृदंग भारी,
छम छम नाचे ग्वालन सारी।
केसर चंदन गंध सुहानी,
भीगी चुनर राधा रानी।
कान्हा रंग दे प्रेम की रोली,
महके मेरी बगिया की भोरी।
आस यही शुभ रंग में रंग जाए,
हृदय से विनती प्रभु हम अरज लगाए।
हँसी-खुशी से महके हर आँगन,
सबको होली की हार्दिक शुभकामनाएँ।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X