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वह स्त्री

                
                                                         
                            वह स्त्री कौन थी ?
                                                                 
                            
नहीं पता
शायद बेटी , बहन
पत्नी या फिर मां
रही होगी।
सिर पर पके बाल
चेहरे पर झुर्रिया
और झुकी कमर।
बार -बार अपने अश्रु
पोछती।
वो स्त्री कौन थी ?
नहीं पता,
शायद किसी की बेटे
की माँ रही होगी।
लेकिनवृद्धाआश्रम
आज उसका घर है।
दहलीज पर बैठी
रास्ता देखती और रोती ,
वह स्त्री कौन थी ?
नहीं पता।
पूछने पर पता
लगा क़ि उसका
बेटा शहर में बड़ा
अफसर है।
बहुत बड़ा घर है और
उसके नौकर भी
बड़े ठाट से रहा करते हैं
लेकिन उस अमीर बेटे
ने एक वृद्धाआश्रम
बनवाया है ,
जिसमें शहर की
बेसहारा बूढी स्त्रियाँ
रहा करती थी ।
वह स्त्री कौन थी ?
नहीं पता।
-अनिता गोस्वामी
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एक महीने पहले

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