तेरी निगाहों, आंखों को देखूं या तेरे शहर को,समझ नहीं आता,
तुम खूबसूरत से भी ज्यादा खूबसूरत है,
तुम्हें देखने के बाद ताजमहल कौन देखेगा,
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