ये नजरों वाला दखल, कब्जा सबसे ख़तरनाक होता है,
यह बिना ऊं, बिना आहट के हो जाता है,
और हां, यदि ये दखल, कब्जा एक बार हो जाए तो,
फिर दिल अपनी नहीं,उसी की सुनता है, जिसने कब्जा किया है
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