तुम्हारे जाने के बाद चली जाएगी महफ़िल की चमक, रौनक,
महफ़िल तो होगी पर तू नहीं होगी, और मैं अपने अफसाने बयां करूंगा,
बहारें एक बार फिर तुम्हें ढ़ूढ़ेगी,ना जाने मैं कहां रहूंगा,
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