यादों में तेरी याद है सनम और कुछ भी नहीं,
क्या याद थी कुछ याद नहीं सनम, कुछ याद है तो वो तू है,
तेरी याद में सब कुछ भूल गया क्या भूल गया मैं, कुछ याद नहीं,
बस याद हो तो सिर्फ तुम याद और कुछ याद नहीं,
क्यों याद हो तुम मुझे कुछ याद नहीं,
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X