हद से बढ़कर की गई मुहब्बत के अंत में बेइज्जती बनकर लौटती है,
सभी लोग देखते हैं मुझे मुस्कराते हुए, क्यों कि टूटने के लिए कोई जगह नहीं है,
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X