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पिता

                
                                                         
                            पिता की आंखों में मैंने अपना ख्वा़ब देखा था
                                                                 
                            
धुंधली राहों में चमकता एक आफ़ताब देखा था
बिन कहे पूरी कर देते थे वो मेरी ख्वाइ़शें
उनके दिल में धड़कते हुए अपना जज़्बात देखा था।

पिता जी मुसीबत से नहीं घबराते थे
मुश्किलों में भी वो मुस्कुराते थे
परिवार की खुशियों के लिए वह
ग़म के हरेक आंसू आंखों में छुपा जाते थे।

पिता जी आज भी मेरे आस-पास रहते हैं
दिन में धूप और रात में तारे बन चमकते हैं
मैं आगे बढ़ता जाता हूं जिंदगी की राहों पर
पिता जी खुशबू बन उन राहों में महकते हैं।

पिता के विचार मेरे लिए गीता और कुरान है
मेरी दुनिया का यह धरती और आसमान है
संतान की खुशियों के लिए पिता धरती पर
ईश्वर का सबसे ख़ूबसूरत वरदान है।

सच है कि,पिता घर के मंदिर का भगवान है
घर का अनुशासन, प्रशासन व संविधान है
घर की हर जरूरत को पूरा करने के लिए पिता
भूखा पेट काम पर निकलने वाला इंसान है।


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7 वर्ष पहले

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