कुछ भी कर लो तुम
हम हथियार नहीं उठाएंगे,
अहिंसा के दम पर ही
हर जंग जीत जाएंगे।
इंसान का जब
वक्त बुरा आता है,
त्याग अहिंसा की भाषा
वह हथियार उठाता है।
हथियार तो कायरों का
गहना है,
सच्ची वीरता तो
क्षमा करना है।
कायरों का काम
शोर-शराबे मचाना है
दुनिया को अपनी
वीरता दिखाना है।
कायर तो धर्म-कर्म का
सहारा लिया करते हैं,
वह मानवता के नाम से
किनारा किया करते हैं।
कायर हिंसक बन
खुद को बलशाली दिखाते हैं,
अपनी कमजोरियों को
दुनिया से छुपाते हैं।
अहिंसा से बढ़कर
कोई धर्म नहीं है,
हिंसा से बढ़कर
कोई कुकर्म नहीं है।
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