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कोरोना की प्रलय से हाहाकार मचा जग में

                
                                                         
                            कोरोना की प्रलय से हाहाकार मचा जग में
                                                                 
                            
ऐसा पहली बार अचानक नहीं हुआ जग में।
पहले भी दस्तक दी है अनेक महामारियों ने जग में
चेचक प्लेग पीलिया और मलेरिया ने जग में
फिर क्यों प्रकोप का हाहाकार मचा जग में
ऐसा पहली बार अचानक नहीं हुआ जग में॥

लाखों मानव काल ने निगल लिये थे जग में
पत्थर से भी भारी दिल पिघल गये थे जग में
कुदरत की शक्ति का एहसास हुआ मानव को
फिर कुछ दिन मानव संभलकर चला जग में
ऐसा पहली बार अचानक नहीं हुआ जग में॥

जब मानव को निज शक्ति पर अभिमान हुआ जग में
तब उसके जीवन का सारा स्वाभिमान गिरा जग में
उसने बनाये तरह-तरह के अस्त्र शस्त्र औरों के लिए
फिर उनके प्रयोग से उनका ही हाथ जला जग में
ऐसा पहली बार अचानक नहीं हुआ जग में॥

सब मिलकर शांति कपोत उड़ाते है जग में
फिर कपोत से ही सब शांति छीनते है जग में
पल में विचारों पर निज स्वार्थ हावी हो जाते है
फिर मानव धर्म भूलकर स्वार्थ उठा जग में
ऐसा पहली बार अचानक नहीं हुआ जग में॥

जीवन सब परिस्थितियों से लड़ सकता है जग में
फिर अपने को बनाये रखने के लिए मरता है जग में
पर बेबस और लाचार है अहंकार और स्वार्थ के आगे
फिर देखो दुनिया में कोरोना से हाहाकार मचा जग में
ऐसा पहली बार अचानक नहीं हुआ जग में॥


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6 वर्ष पहले

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