जाग उठा अब हिन्दुस्तान
छोटे बच्चे और जवान
हक अपना सब जान चुके हैं
आवाजें उठ तान चुके हैं
हम बदलेंगे युग बदलेगा
अंदाज युवकों का बदलेगा
बहुत हो चुकी नादिर शाही
युवा हरेक अब बना सिपाही
हाथ मशालें अपनी लेकर
बल बुद्धि संग सपने लेकर
हक अपना ये मांग रहे
सपने भावी सब टांग रहे
कल का भारत इनमें देखो
गांधी सुभाष अब इनमें देखो
नई सुबह होने वाली है
ये तो सूरज की लाली है.
बढ़कर इनका सत्कार करो
इनके जज्बातों से प्यार करो.
इनका बातों का सम्मान करो.
दिनेश चौहान
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