तू नहीं मिलती है जिस दिन सफ़र अच्छा नहीं लगता
बस हो या ट्रेन हो समय अपना का अच्छा नहीं कटता
भीड़ में होना तेरा , एक महकते फूल सा होता हमेशा
हर सफ़र सूना तेरे बिना बिल्कुल अच्छा नहीं लगता.
-दिनेश चौहान
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