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सूरज की किरणों संग मधुपों के अंगअंग

                
                                                         
                            गुनगुनी धूप संग कनेर के साये में
                                                                 
                            
हाथों के साथ तेरे गर्माहट लाएंगे .

झोंके हवाओं के पूरब से आ करके
स्मृतियों के बादल आँचल में छायेगे.

डुबाने को प्रेम में पत्तों के झुरमुट से
प्रवासी खग आने की आहट को पाएंगे .

सूरज की किरणों संग मधुपों के अंगअंग
फिर नए प्रसंग और कथानक दोहराएंगे.

जाड़े के मौसम में गरमाहट की आहट
व्याकुल कर मन को पास पास लाएंगे.
-दिनेश चौहान
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21 घंटे पहले

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