शोहरत इज्जत दर्द देती है कुर्सी से उतर जाने के बाद
आदमी नाकामियों पे रोता है अपनी बिखर जाने के बाद
ऊँचाइयाँ चढ़ते वक़्त हजारों कन्धे मिलते हैं जिनको
कोई नहीं पास दिखता है कुर्सी से उतर जाने के बाद.
-दिनेश चौहान
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