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किरदार फिर मजदूर होगा

                
                                                         
                            मजदूर है वो मजबूर रहेगा
                                                                 
                            
बस वह तो मजदूरी करेगा।

नेता मजदूरों का जो बना
वो कभी मजदूर ना रहा।

बात श्रमिकों की जिसने की
मजदूरी कभी ना उसने की।

आयोजन भी भव्य होते रहे
श्रमिक भी शोषित होते रहे।

उपहास इस बार फिर होगा
किरदार फिर मजदूर होगा।

दिनेश चौहान
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2 वर्ष पहले

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