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देवी के नौ रूप

                
                                                         
                            सीख सको तो सीख ये ले लो
                                                                 
                            
देवी शक्ति के सब रूप हैं नौ
जला सको तो अग्नि जला लो
स्त्री जीवन की नौ होती हैं लौ .

रंगी हुई दीवारों व सामानों से
सुख घरों में कब टिकता है
घर रोशन होता घर वालों से
नारी दीपक की होती है लौ .

सुख दुःख करुणा और प्रेम
अपने आँगन ही मिलते हैं
समिधा का सामान कहीं से लाओ
नारी होती पावन अग्नि की लौ.

नारी के नौ रूपों को समझो
सृष्टि के कण कण से ये बूझो
निर्मात्री संहारक कैसे बनती
शिव की शक्ति की होती वो लौ.
-दिनेश चौहान
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एक घंटा पहले

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