बेमौसम की बारिश जैसा तेरा बकना
भरी दुपहरी में इस छत पर मेरा चलना
बात उठेगी दूर तलक वो भी जायेगी
लोग कहेंगे उनको भी कुछ तो कहना .
-दिनेश चौहान
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