मणिकर्णिका कब आओगे?
बताओ तुम मणिकर्णिका कब आओगे?
कब तक दुनिया के चक्कर में धक्के खाओगे,
कब तक जिम्मेदारियों का बोझ उठाओगे?
भले तुम भटकते रहो यहां-वहां, जहां-तहां
तुम्हें पता है एक दिन तुम मणिकर्णिका ही आओगे
बताओ पंडित तुम मणिकर्णिका कब आओगे?
कब तक लोगों से कहोगे- हां ठीक हूँ मैं
उसे भूलने के लिए दवा कब तक खाओगे?
कब तक किसी फकीर से ताबीज बंधवाओगे?
बताओ पंडित तुम मणिकर्णिका कब आओगे?
वो मिला तो भी, न मिला तो भी तुम आओगे,
अजी हमसे बचकर कहां तक भाग जाओगे?
दुनिया को झूठी कहानियां कब तक सुनाओगे?
बताओ पंडित तुम मणिकर्णिका कब आओगे?
तुम हिमालय जाओ या गंगा किनारे जाओ
अलकनंदा जाओ या भागीरथी जाओ
अंत में बहकर तुम बनारस ही आओगे
बताओ पंडित तुम मणिकर्णिका कब आओगे?
जलना तो है तुम्हें पंडित- यहां जलो या वहां जलो
श्मशान में जलने से पहले हर दिन खुद को जलाओगे
उसके साथ जलोगे तो कभी उसके बिना जलोगे।
Move On होने की दवा ढूंढने पंडित कहां जाओगे?
बताओ पंडित तुम मणिकर्णिका कब आओगे?
जरा मुझे बताओ पंडित, प्रेम से क्यों भागते हो?
दुनिया कहती है- प्रेम में मृत्यु नहीं, मुक्ति है
अगर प्रेम मैं ही हूं, तो मुझसे भागकर कहां जाओगे?
बताओ पंडित तुम मणिकर्णिका कब आओगे?
प्रेम से भागोगे तो अपने शिव को कैसे पाओगे?
फिर मणिकर्णिका पर जलकर मुक्ति कैसे पाओगे?
शिव ही शव है और शव ही शिव ये कैसे समझ पाओगे?
भागने से नहीं ठहराव से सब ठीक होगा पंडित
ये बात तुम खुद को आखिरकार कब समझाओगे?
बताओ पंडित तुम मणिकर्णिका कब आओगे?
-दिलीप मिश्रा
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