जिन्हें चाहा नहीं पाता हूँ गजब की बात है ना
मैं अपना दर्द खुद गाता हूँ गजब की बात है ना
जो मुझको अन्धा बनाने की साजिशों में हैं
उन्हें ही राह दिखाता हूँ गजब की बात है ना
पता सबको है वो नमक का व्यापारी है
जिसे मैं जख्म दिखाता हूँ गजब की बात है ना
पता चला है वो गैरों के साथ बैठा है
जिसे मैं अपना बताता हूँ गजब की बात है ना
मेरी नजरों में भी आना उन्हें पसंद नहीं
जिन्हें पलकों पे बिठाता हूँ गजब की बात है ना
न जाने जान के दुश्मन मेरे बने क्यूँ हैं
मैं जिनपर जान लुटाता हूँ गजब की बात है ना
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