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अधूरे ख्वाबों का सफर

                
                                                         
                            दिल में एक अरमान लिए,
                                                                 
                            
मज़बूत इरादों के साथ,
अपने ख़्वाबों को पूरा करने,
इस मुश्किल सफ़र पर निकल पड़ी हूँ।
हर कठिन मोड़ को तय करते हुए,
हर मुश्किल से लड़ते हुए,
अपने अधूरे ख़्वाबों को
हक़ीक़त में बदलने निकल पड़ी हूँ।
रास्ते मुश्किल हैं,
मगर हौसले बुलंद हैं,
मंज़िल अभी दूर सही,
पर इरादे अटल हैं।
बस इसी उम्मीद के साथ
चल पड़ी हूँ उस सफ़र की ओर,
जहाँ मेरे अधूरे ख़्वाब
एक दिन हक़ीक़त बनेंगे।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
11 घंटे पहले

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