(नोट- सच्ची घटना पर आधारित)
!! गुरुजी की शिक्षा!!
चेहरे पर चमक थी,उम्र कुछ दस बरस थी!
बेखोफ था चेहरा, कहां हमको फ़िकर थी!!
अनुपस्थिति हो गई,
बस कुछ दिनों की !
अनुशासन के पहरे में , सवाल बड़े गहरे थे !!
क्या करोगे,
नहीं पढ़ोगे तो ?
हम डर गए साहेब..2
या सच कहू ..2, हम पढ गए साहेब...2
भैस चराओगे, करोगे खेती
या चलाओगे हल ,अपने बाप की तरह!
नहीं ,करना' मज़दूरी गधों की तरह!!
बस इसी बात से ...2
हम डर गए साहेब?
या सच कहू,
हम पढ़ गए साहेब....2
फेल.गर हुए, तो नाम काट जाएगा!
भूल में मत रहना, पहचान हट जाएगी !!
वक्त अभी है 'सम्हल जाओ
कही ऐसा न हो बस ,हाथ मल्हते रह जाओ!!
बस इसी बात से ....2
हम डर गए साहेब ?
या सच कहू
हम पढ़ गए साहेब...2
मरते क्या न करते ,मानी हमने बात!
किया आत्म- अवलोकन ठानी हमने रार !!
अब कोई और चराये भेंसे ,
कोई और करे खेती' कोई और चलाये हल
कोई और करे मजदूरी.'?
हम डर गए साहेब ?
या सच कहूं ..2
हम पढ़ गए साहेब ....2
! ध्रुव" विहान "!!
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