मै जानती हूँ
चीज़े कभी नही खोतीं ।
उनका अस्तित्व
सदा रहता है
वहीँ कहीं
जहाँ हम रख कर
भूल जाते हैं
या खो देते हैं।
मुझे पता है ,माँ
तुम यहीं कहीं हो
आस पास
बस …………
हमसे खो गयी हो ।
-धीरजा शर्मा
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