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काश समोसे में इतना दम होता

                
                                                         
                            काश समोसे में इतना दम होता
                                                                 
                            
कि इसको खाने से वज़न कम होता।
दर्ज़नों में ये तब हज़म होता
चाट का ठेला जिमनाज़ियम होता।।

जब भी सोचूँ कि वज़न कम कर लूँ
खा समोसे से अपना जी भर लूँ
ऋतिक रोशन सी बॉडी बनती मेरी
दिन पे दिन और हैंडसम होता
काश समोसे में इतना दम होता
कि इसको खाने से वज़न कम होता

सेब होता न करेला होता
हेल्थफूड समोसा अकेला होता
जब भी डाइटिंग पे बहस छिड़ जाती
समोसे पर ही कार्यक्रम होता
काश समोसे में इतना दम होता
कि इसको खाने से वज़न कम होता
समोसे पर न कोई टैक्स कटता
ये स्कूलों में सुबह फ्री बँटता
हर चैंपियन की जीत के पीछे
समोसे का ही दमखम होता
काश समोसे में इतना दम होता
कि इसको खाने से वज़न कम होता

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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8 वर्ष पहले

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