आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

सपनों से सफलता तक

                
                                                         
                            सपनों से सफलता तक
                                                                 
                            

समुंदर सी गहराई रखो दिल में,
पहाड़ सा हौसला रखो मंज़िल में।

सपना देखो तो आसमां जैसा,
और उसे पाने का जुनून रखो तूफां जैसा।

विश्वास रखो, मेहनत करो,
गिरो, उठो, फिर आगे बढ़ो।

क्योंकि जीत उसी की होती है,
जो हार कर भी मुस्कुराना जानता है।

 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर