सुबह उठते ही स्टेटस देखना है,
दूसरों जैसा हँसना, दूसरों जैसा रोना है।
कमीज़ अपनी फटी है, फिल्टर सुंदर है,
घर में राशन कम है, पर प्रोफाइल के अंदर
हम सब अमीर हैं।
बेटा सरकारी नौकरी की लाइन में खड़ा है,
बाप रिटायरमेंट के बाद भी उधारी में खड़ा है।
माँ ने सिखाया था - सब्र रखो,
दुनिया कहती है - शो ऑफ रखो।
जात पूछ ली जाती है, नाम से पहले,
औकात तौल ली जाती है, काम से पहले।
हम सब साथ हैं, एक ही नाव में,
फिर भी छेद कर रहे हैं, एक ही नाव में।
-देव कुमार पटेल
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