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अकेले आए थे

                
                                                         
                            अकेले आए थे
                                                                 
                            

अकेले आए थे, ये सच है,
अकेले ही जाना है, ये भी सच है।

पर सच ये भी है,
कि इस बारीक रेखा में ही सब कुछ है।

इसी रेखा पर किसी ने हाथ पकड़ा था,
इसी रेखा पर किसी ने नाम पुकारा था।

पाने-खोने के हिसाब में ही तो हम उलझे रहे,
वरना जीना तो बस, इस रेखा को छू कर जाना था।

छोटी नहीं हुई है वो रेखा,
तुमने ही उसे नापना शुरू कर दिया।

जी लो उसे,
नापो मत।
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2 घंटे पहले

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