वृक्ष की छांव में
बैठ जाना
शीतल हवा के झोंकों से
बातें मिलाना,
सोंधी खुशबू मिट्टी की
मन मोहती है,
हर उलझन को
पल भर में धोती है।।
-दीप्ति त्रिपाठी
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