मसाला ये था कि..
मां, किसके साथ जाएगी?
बेटी हुई पराई,
बेटा गया विदेश।
पर मां के हृदय में
नहीं कोई द्वेष।
तय हुआ कि..
मां, किसके पास जाएगी?
पर कभी उससे पूछा..
वो किससे निभाएंगी?
पर सच है...
हर पल, हर राह में
मां, बहु के साथ नज़र आएगी।।
-दीप्ति त्रिपाठी
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