आते हैं मेहमान,
तो मिलते हम दिल खोल
करते हैं प्रतीक्षा उनकी,
हैं वे इतने अनमोल।।
आने का अनुमान अगर
पहले ही हो जाता,
आते ही चाय-नाश्ता
मेज़ पर सज जाता।।
एकटक उनको देखा करते,
मन में खुशी समेट।
करते हैं प्रतीक्षा उनकी
जो हैं इतने अनमोल।।
-दीप्ति त्रिपाठी
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