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अपना -अपना खोट अनोखा

                
                                                         
                            कौन मुकम्मल है दुनिया में,
                                                                 
                            
सबमें कोई खोट है।
एक खोट मेरे अन्दर है,
तुझमें भी एक खोट है।।

करेला कड़वा होता है,
परवल में है बीज बड़े।
लौकी में कोई स्वाद नहीं,
मीठे हमको नहीं लगे।।

कमल खिला है पानी भीतर,
कांटों बीच गुलाब खिले।
बेला, चम्पा भले न रंगी,
पर खुशबू से महक मिले।।

बरगद, पीपल वृक्ष औषधि,
मीठे फल नहीं देते हैं।
इमली खट्टी, नींबू खट्टा,
ये मीठे नहीं होते हैं।।

अपना -अपना खोट अनोखा,
अपनी बात निराली है।
खोट छोड़ गुण को पहचानों,
यह भी बात निराली है
-दीप्ति त्रिपाठी
 
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59 मिनट पहले

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