बाग़ का सबसे सुंदर फूल चुरा लाया,
गुलाब... तेरे सुर्ख होठों की तरह ।
इजाज़त हो तो सजा दूं,
इसे तेरे बालों में,
सजा दूं तुझे...
दुल्हन की तरह।।
-दीप्ति त्रिपाठी
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