१४ फरवरी
"न भूलने वाला
न क़ाबिले माफ़ी"
एक काला दिन|
पुलवामा हमला..
ओछी साजिश..
गन्दी रंजिश…
नम नयनों से..
अर्पित करते…
विन्रम श्रद्धांजलि!
आप थे..
आप हैं..
आप रहेगें..
कभी आदर्श बन कर..
कभी मिशाल बन कर..
आप थे,
आप हैं,
आप रहेगें..
कभी अभिमान बन कर..
कभी जय-जयकार बन कर…
आप थे,
आप हैं,
और जबतक हैं..
हम हैं,
हमारी आज़ादी है,
हमारी ज़िंदगानी है,
हमारी हर कहानी है..
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