शायर की कलम से दिवानीं धडकनों को जुबाँ मिलती है
हर आती जाती साँस से शायर को दुवा मिलती है
कागज पर उतरे शब्दों में एहसास का उतर आना
खुशनसीब है कलम वो जिससे प्यार को हवा मिलती है
दर्द से मुहब्बत हो तो ही दर्द लिखा जाता है
लिखते लिखते दर्द में ही दर्द की दवा मिलती है
जब कोई नहीं साथ में खामोशी को समझने वाला
तब तन्हाई भी उसी की यादों में रवाँ मिलती है
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