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अभिमान

                
                                                         
                            इन नन्हीं आखों में सम्मान झलकता है
                                                                 
                            
इन फौलादी सीनो में अभिमान दिखाई देता है
बलिदान, शोर्य, गहने ये देश के
वीरता, सम्मान मान ये देश का
तीन स्तंभ खड़े देश की रक्षा में
थल, वायु, जल सेना खड़ी सीमाओ की रक्षा में
हर भारतीय दिल में जान तिरंगे की
हर सैनिक हाथो में गौरव, प्रतिष्ठा देश की
रोज होली दिवाली मनाई जाती है सीमाओं पर
सुख दुख छोड़ खड़े जवान सीमाओं पर
कही लपेटे हुए शरीर तिरंगे में
कही तिरंगे दूर चोटियों में
हवाओं से बात करते ये सैनिक देखो
नीर में खुद की दिशा बनाते है
आज देखो दुनिया में जाने जाते है
प्रतिनिधि से नही घबराते है
मृत्यु को हस के गले लगाता है
खुले हाथ तुम्हारे केसे
नव परिंदे नभ में जैसे
जब चेन की नींद सोया हिंदुस्तान
जब तू जागा है सीमाओं पर
गर्व है प्रत्येक भारतीय को
उन प्रत्येक शाहिद वीरो पर
जो हंस हंस के बलिदान दे जाते है

दक्षल कुमार व्यास

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4 वर्ष पहले

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