आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

प्रेम का गीत

                
                                                         
                            नभ के तारे चमकते हैं रात भर,
                                                                 
                            
तुम्हारी आँखों में जैसे हो प्यार का असर।
मोहब्बत की गहराइयों में डूबी ये रात,
दिल कह रहा है, तुमसे कुछ तो करूँ बात।

सूरज की किरणें भी फीकी पड़ीं,
जब तुम मुस्कुराती हो, जैसे हो सवेरा।
प्रेम के गीत गूँजें दिल के हर कोने में,
तुम्हारी यादें बन गईं हैं मेरा बसेरा।

तुम्हारे बिना जीवन है अधूरा,
तुम ही करती हो मुझे सजीव।
तुम्हारी बातों का जादू,
कर देता मदहोश हर बार अजीब।

इन हवाओं में भी प्रेम की खुशबू है,
तुम्हारी साँसों की तरह महकती।
हर धड़कन में है तुम्हारा नाम,
मेरे दिल में तुम ही हो बसती।

प्रेम के इन गीतों में बस तुम हो,
तुम्हारी हँसी, तुम्हारी बात।
इन लम्हों को संजोकर,
मैंने पाया है प्रेम का साथ।
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर