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जीवन में नवरंग

                
                                                         
                            भर प्राणों में आशा अनुपम
                                                                 
                            
आये हैं हम नवल विहंगम
सीख नित्य पाठों को हम
जीवन में नवरस घोलेंगे।

नवल सुबह की स्वर्ण किरण के
सारे द्वार को खोलेंगे।

ऊर्जा और उमंग भरे हम
कुछ करने को तत्पर हैं हम
सीख सफलता के मंत्रों को
शिखर सभी हम छू लेंगे।

नवल सुबह की स्वर्ण किरण के
सारे द्वार को खोलेंगे।

विद्या का मंदिर यह प्यारा
लक्ष्य पूर्ति आधार हमारा
अनुशासन के पथ पर चलकर
सत्कर्म हमारे बोलेंगे।

नवल सुबह की स्वर्ण किरण के
सारे द्वार को खोलेंगे।

इस उपवन के सुमन सुकोमल
रंग, सुगंधी ,उच्च मनोबल
मान रखेंगे मातृभूमि का
कर्तव्यों से ना डोलेंगे।

नवल सुबह की स्वर्ण किरण के
सारे द्वार को खोलेंगे।

~माधुरी महाकाश
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एक वर्ष पहले

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