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मात्र खुद को समय न दे पाती ये जिंदगी...

                
                                                         
                            चाँद खुशियों को पाने की होड़ ये जिंदगी,
                                                                 
                            
आकाशों की एक दौड़ ये जिंदगी।
जरूरतों के बोझ तले दबी सी जिंदगी,
आँखों में ख्वाहिशें भरे आस सी चमकती जिंदगी...
हर पल बदलती वक्त के रफ्तार सी जिंदगी,
किसी भीड़ में खड़ी कतार सी जिंदगी।
चेहरे पर चेहरा लगाकर,
मेले में बिकते मुखौटो सी जिंदगी...
विश्वास के रिश्तों में पिरोई सी जिंदगी,
झूठे-सच्चे जज्बातों की कसौटी जिंदगी।
जीत से उछलती खुश होकर चमकती सी जिंदगी,
हार से थपथपाकर ग़मों में सिमटती सी जिंदगी...
पूरी होती पुरानी इच्छाएँ,
नई आकांक्षाओं को जन्म देती ये जिंदगी।
सुख-सुविधाओं की चाह में जूझती ये जिंदगी,
मात्र खुद को समय न दे पाती ये जिंदगी...
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2 घंटे पहले

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