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घटनाक्रम

                
                                                         
                            खिलता है खेल हर रोज शतरंज की तरह,
                                                                 
                            
जिंदगी में हर रोज शह और मात की तरह।
घटता रहता है घटना चक्र अखवार की तरह,
घट जाती है घटनाएं कल्पनाओं की तरह।।
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7 घंटे पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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