तुम्हारे प्यार का अहसास मुझे जीने नहीं देता
रहे हर पल ये मेरे साथ मुझे जीने नहीं देता
कभी जो भूल जाऊँ तुम्हें तुम्हारी वफा को
दिला देता है फिर ये याद मुझे जीने नहीं देता
एक बार कहा था मैं लूँगी दिल यह तुम्हारा
मचले तबसे ये दिले नादां मुझे जीने नहीं देता
जिद कर बैठे है जाने की तुम तलक यह दीवाना
न देखे है दिन न रात मुझे जीने नहीं देता
किसी को चाहना गुनाह है तो यह मैंने किया है
मेरा ही ये पाक गुनाह मुझे जीने नहीं देता
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