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प्रियतम

Priyatam
                
                                                         
                            तेरा मैं रहा था, तेरा मैं रहूँगा
                                                                 
                            
तुझसे जुदा हो कहाँ मैं जिऊँगा,
ख्वाइश यह मेरी रहती हर घड़ी,
बने हर जन्म में तू मेरी जिंदगी,
नखरे तेरे, मैं खुशी से सहूँगा
तेरा मैं रहा था, तेरा मैं रहूँगा

रहती है हर पल तू साँसो में मेरी
कवि हूं मैं, तू कविता है मेरी
साथ ना छोडूंगा, तेरा मैं कभी
रहे मेरी जान, या ना रहे जिंदगी
तेरे हर गमों को, खुशी से भरूँगा
तेरा मैं रहा था, तेरा मैं रहूँगा

मेरी जिंदगी है, तू सुन ले मेरी जान
धड़कन में मेरे लिखा है तेरा नाम
मेरी हर दुआ की बंदगी है तू
मेरे हर साँसो की शायरी है तू
कविता की हर कड़ी में,
मैं तुझे ही लिखूँगा
तेरा मैं रहा था, तेरा मैं रहूँगा
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3 वर्ष पहले

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