हम इलाहाबादी हैं , अकेले चाय पीने का हमारा मन नहीं करता,
फ़ोन करके दोस्तों को बुलाते हैं , आइए ! आपका इंतजार हम करते हैं।
धर्म यही है राज दिलों पर यार करते हैं, हम इलाहाबादी हैं।
-चेतना सिंह 'चितेरी'
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