ख़्वाबों के सिरहाने पे सर रख कर
ले रही करवटें ज़िंदगी
ना दिल में चैन बेचैन नैन
गिन रही सिलवटें ज़िंदगी
हर एक ख़्वाब माँगे जवाब
कर रही हरक़तें ज़िंदगी
कोई भी आस आए ना रास
लग रही अटपटी ज़िंदगी
ख़्वाबों के सिरहाने पे...।
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