जी करे तो आना मेरी
ज़िंदगी के द्वार पर
दिल के अपने बोझ सारे
कांधे से उतार कर
फिर चलेंगे उस सफ़र पर
जो आधा तेरा, आधा मेरा
झेल लेंगे मिल कर दोनों
वक़्त का हर इक थपेड़ा
ग़म ख़ुशी हम रास्ते के
आधा आधा बांट लेंगे
हंसते हंसते ये सफ़र हम
ज़िंदगी का काट लेंगे।
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