बैठे हो सामने अब ये रात ठहर जाए
तुमको मैं छूना चाहूं पर हाथ ठहर जाए
है दिल की ये तमन्ना तुम्हें आंखों में बंद कर लूं
बाहों में तुमको भर लूं जज्बात ठहर जाए
- अंशुल शर्मा
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