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मेरे अल्फाज़

जिन्दगी

Binod Kumar

91 कविताएं

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जिन्दगी हिसाब से जिओगे तो हिसाब है जिन्दगी
बेहिसाब जीओगे तो शराब है जिन्दगी

सुबह से शाम तक अफताब है जिन्दगी
रात को चमकता महताब है जिन्दगी

खुलकर जीओ खुशमिजाज होकर जिओ
तो खुली किताब है जिन्दगी है

मुहब्बत मे जीओ मुस्कुरा के जिओ
तो महकता गुलाब है जिन्दगी

परिवार के लिए जीओ प्यार के लिए जिओ
तो अदाब और सबाब है जिन्दगी

नफरत ,द्वैष ,अंहकार मत भरो जिन्दगी मे
इस तरह का फितरत तो गलत खराब है जिन्दगी

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